तो दोस्तों स्वागत करता हूं अपने एक नए बेहतरीन लेख में आज हम इस लेख में ऑप्शन ट्रेडिंग क्या होता है इसके बारे में संपूर्ण जानकारी आपको देने वाला हूं इससे आपको यह पता चल जाए कि ऑप्शन ट्रेडिंग और फ्यूचर ट्रेडिंग क्या होता है ऑप्शन ट्रेडिंग कैसे किया जाता है
दोस्तों आपको भी पता है कि 99% लोग ऑप्शन ट्रेडिंग में लॉस करते हैं और केवल 1% ही लोग प्रॉफिट कर पाते हैं दोस्तों जैसा कि आपको इसके नाम से ही पता चलता है कि ऐसा ट्रेड जिसमें हमारे पास किसी फ्यूचर के लिए किए गए कॉन्ट्रैक्ट को पूरा करने या ना करने का विकल्प ऑप्शन हो इस ऑप्शन ट्रेडिंग करते हैं Option Trading Kya Hai |ऑप्शन ट्रेडिंग क्या है
Option Trading कैसे करें
दोस्तों ऑप्शन ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास एक डीमैट अकाउंट होना बहुत ही जरूरी होता है जिसमें आप खरीदारी और बिकवाली कर सकते हैं
अगर हम बात करें ऑप्शन ट्रेडिंग की तो हम ट्रेडिंग फ्यूचर एंड ऑप्शन दोनों में कर सकते हैं
अगर आप ऑप्शन में ट्रेडिंग करना चाहते हैं वह भी निफ्टी 50 में तो निफ़्टी फिफ्टी का लोट साइज 50 होता है जिसमें आपको एक लोट बाइ करने का मिनिमम 4000 से 5000 कास्ट लग जाता है
और बैंक निफ्टी का लोट साइज पहले 25 हुआ करता था अब 15 कर दिया गया है अगर आप बैंक निफ्टी का लौटबाई करते हैं तो आपको 3500 से 4500 के आसपास का पैसा लग सकता है
दोस्तों अब हम बात करते हैं कैसे हम ट्रेडिंग करें
अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो आपको अच्छा नॉलेज होना बहुत जरूरी होता है जैसा कि टेक्निकल एनालिसिस ऑप्शन चैन RSIकी संपूर्ण जानकारी
ऑप्शन ट्रेडिंग का एक्सपायरी 7 दोनों का होता है और वही फ्यूचर ट्रेडिंग का एक्सपायरी एक महीने का होता है अगर आप फ्यूचर में ट्रेड करना चाहते हैं तो आपको ज्यादा फायदा हो सकता है क्योंकि उसमें टाइम डीके बहुत कम होता है
और ऑप्शन ट्रेडिंग में टाइम डी के बहुत ज्यादा होता है टाइम डीके का मतलब मान लीजिए मार्केट आज कोई मोमेंट नहीं किया और वहीं पर एक्सपायर हो गया तो आपका प्रीमियम जीरो हो सकता है
क्योंकि टाइम डीके के वजह से प्रीमियम वहां पर जीरो हो जाता है सबसे ज्यादा टाइम डी के एक्सपायरी के दिन होता है
अगर आप मार्केट में एकदम बिगनर है तो आपको ऑप्शन ट्रेडिंग से दूर रहना चाहिए और इक्विटी ट्रेडिंग नहीं क्रिएट करना चाहिए क्योंकि इक्विटी ट्रेडिंग में लॉस होने की चांस बहुत कम होता है और ऑप्शन ट्रेडिंग में लॉस होने का चांस बहुत ज्यादा होता है
ऑप्शन ट्रेडिंग के नियम
1 जब भी हम ऑप्शन ट्रेडिंग करें तो हमें इस बात का जरूर ध्यान रखना चाहिए कि हमें यहां पर ज्यादा रिटर्न नहीं चाहिए अगर आप ₹10000 से ट्रेडिंग कर रहे हैं तो आपको 4 से 5% का ही रिटर्न उसे उम्मीद करना चाहिए कभी-कभी ऐसा दिन होता है जिसमें आपका 10000 एक लाख में भी बदल जाता है और 10000 जीरो भी हो जाता है
तो हमें इस बात का ध्यान देना चाहिए कि हमें कितना रिटर्न चाहिए ज्यादा लालच करेंगे तो हमारा कैपिटल जीरो हो जाएगा और सीखने कुछ नहीं मिलेगा
2 हमें कभी भी ओवर ट्रेडिंग नहीं करना है जैसा कि आप जानते होंगे एक-एक दिन में 10लौट बाई कर लेते हैं उसे सिर्फ हमारा ब्रोकरेज बढ़ता है ना कि प्रॉफिट अगर आपको एक प्रॉफिटेबल ट्रेड बना है तो आपको कम से कम ट्रेड करना चाहिए मिनिमम 2 से 3 इससे क्या होगा कि आपका साइकोलॉजी बहुत अच्छा डेवलप हो जाएगा और आपको एक मार्केट में अच्छा ओवरव्यू मिल जाएगा
3 ऑप्शन ट्रेडिंग करने के लिए सबसे पहले हमें चार्ट एनालिसिस करना बहुत आवश्यकता होता है जैसे हम यह पता लगा सके कि आज मार्केट का ट्रेंड क्या होने वाला है क्या मार्केट ऊपर जाने वाला है नीचे यह सिर्फ और सिर्फ टेक्निकल एनालिसिस पता चलता है
5 सपोर्ट और रेजिस्टेंस क्या होता है सपोर्ट और रेजिस्टेंस जहां से मार्केट बार-बार गिरता है उसको रेजिस्टेंस कहते हैं और जहां से मार्केट बार-बार ऊपर जाता है उसे सपोर्ट कहते हैं
आपको हम इस तस्वीर के जरिए यह दिखाने का प्रयास करूंगा कि कैसे प्राइस बार-बार सपोर्ट रेजिस्टेंस ले रहा है
वह जो रेड लाइन एरिया है वह रेजिस्टेंस की एरिया है और जो ग्रीन लाइन एरिया है वह सपोर्ट का एरिया है आप देख सकते हैं कि किस तरह वहां पर प्राइस बार-बार सपोर्ट और बार-बार रेजिस्टेंस ले रहा है
सपोर्ट रेजिस्टेंस एक लाइन नहीं बल्कि एक एरिया होता है जिस एरिया पर बार-बार सपोर्ट रेजिस्टेंस लेता है या वहां पर टाइम बीतता है वहां पर ज्यादा प्रोबेबिलिटी होता है कि मार्केट वहां से ज्यादा मोमेंट देने वाला है
5 Option Chain के जरिए आप यह पता लगा पाएंगे कि वहां से मार्केट ऊपर जाएगा या नीचे जहां पर कॉल का ओपन इंटरेस्ट ज्यादा होता है वहां से प्रोबेबिलिटी होता है की मार्केट रेजिस्टेंस लेने वाला है मतलब वहां से या मार्केट में सेलर एक्टिव होंगे और वहां से मार्केट नीचे गिरने वाला है
जिस लेवल पर PUT का ओपन इंटरेस्ट ज्यादा होता है वहां से ज्यादा चांस होता है की मार्केट अब ऊपर जाने वाला है क्योंकि वहां पर पुट राइटिंग ज्यादा हुआ है
6 मार्केट में जब भी हम खरीदारी या बिक्री कर तो हमें कुछ बातों का ध्यान देना चाहिए जैसा की मार्केट में प्राइस एक्शन क्या कर रहा है आप जब भी कॉल बाय करें या पुट बाय करें तो ऊपर दिए हुए रूल को एक बार जरूर देखें
तब जाकर आप खरीदारी या भिखारी करें
Conclusion
इस लेख में आज हमने आपको Option Trading Kya Hai |ऑप्शन ट्रेडिंग क्या है से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दिया है जिसको पढ़कर आपको कुछ ना कुछ जरूर ज्ञान मिलेगा
अगर आप ट्रेंडिंग या इन्वेस्टिंग करना चाहते हैं तो आपको यह ध्यान देना चाहिए कि कम से कम प्रॉफिट और कम से कम लॉस स्टार्टिंग में करें जिससे आपका मन सेट ठीक हो जाएगा अगर आप बिगनर है तो ऑप्शन ट्रेडिंग से दूर रहे और लर्निंग पर ज्यादा फोकस करें जिससे आपको अच्छा नॉलेज मिल जाएगा
कृपया ध्यान दीजिए
हम SEBI द्वारा रजिस्टर कोई वित्तीय सलाहकार नहीं है इसलिए में निवेश करने से पहले एक बार विचार जरूर करें और अपने हिसाब से, अपने रिश्क में ही निवेश करें। शेयर बाजार Risk से भरा हुआ है जिसमें आपका पूरा कैपिटल जीरो हो सकता है आप निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय सलाहकार से एक बार जरूर सलाह ले
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ऑप्शन ट्रेडिंग के लिए कितना पैसा की जरूरत होगा
अगर आप बिगनर है तो आप केवल सीखने पर फोकस कीजिए जिसके लिए आपको 20 से 25000 रुपए का जरूरत पड़ सकता है
ऑप्शन ट्रेडिंग में कितना पैसा कमा सकते हैं
अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग में पैसा कमाना चाहते हैं तो आप कितना टाइम देते हैं उसे पर निर्भर करता है अगर आप बिगनर है तो अभी सीखने पर ध्यान दीजिए पर अगर आप एक दो साल से सीख रहे हैं तो आपके पास अच्छा कैपिटल है तो रोज का 2 से 5000 के बीच कमा सकते हैं
क्या ऑप्शन ट्रेडिंग से करोड़पति बन सकते हैं
जी हां अगर आप मन से करते हैं तो करोड़पति बन सकते हैं
ऑप्शन ट्रेडिंग में टेक्निकल एनालिसिस कैसे करें
टेक्निकल एनालिसिस का मतलब होता है चार्ट रीडिंग सपोर्ट रेजिस्टेंस को अच्छा से समझना और मार्केट में पिछले दिन क्या हुआ है उसको अच्छा से देखना
और मार्केट की सेंटीमेंट को अच्छा से समझना उसे ही सपोर्ट रेजिस्टेंस और टेक्निकल एनालिसिस